बंद बैंक अकाउंट को फिर से चालू कैसे करें? जानें पूरी प्रक्रिया, ज़रूरी दस्तावेज़ और नियम

क्या आपका बैंक खाता निष्क्रिय (Inactive) या डॉर्मेंट (Dormant) हो गया है और अब आप उसे फिर से चालू (Reactivate) करवाना चाहते हैं? चिंता न करें! यह एक आम समस्या है, जिसका समाधान बेहद सरल है। लाखों लोग अलग-अलग कारणों से अपने बैंक खातों में लंबे समय तक लेनदेन नहीं कर पाते, जिससे उनके खाते निष्क्रिय हो जाते हैं।

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इस विस्तृत लेख में, हम आपको बंद बैंक अकाउंट को चालू करने की पूरी प्रक्रिया हिंदी में बताएंगे, साथ ही जानेंगे कि इसके लिए आपको किन दस्तावेज़ों की ज़रूरत होगी और बैंक के नियम क्या कहते हैं।

डॉर्मेंट और इनएक्टिव अकाउंट में क्या अंतर है?

खाता बंद होने से पहले, बैंक उसे दो चरणों से गुजारते हैं:

  1. इनएक्टिव अकाउंट (Inactive Account – निष्क्रिय खाता): जब आप अपने बचत/चालू खाते में 12 महीने (एक वर्ष) तक कोई लेनदेन (Transaction) नहीं करते हैं (ब्याज जमा या शुल्क कटौती को छोड़कर), तो बैंक आपके खाते को निष्क्रिय श्रेणी में डाल देता है।
  2. डॉर्मेंट अकाउंट (Dormant/Inoperative Account – सुस्त/अप्रचलित खाता): यदि निष्क्रिय होने के बाद अगले 12 महीने तक भी खाते में कोई लेनदेन नहीं होता है (यानी, लगातार 24 महीने तक कोई ग्राहक-जनित लेनदेन नहीं होता), तो खाता ‘डॉर्मेंट’ या ‘सुस्त’ हो जाता है।

एक बार खाता डॉर्मेंट हो जाने पर, ग्राहक के लिए खाते से पैसा निकालना, जमा करना या कोई अन्य लेनदेन करना तुरंत संभव नहीं होता है।

बंद बैंक अकाउंट को चालू करने की पूरी प्रक्रिया (Step-by-Step)

डॉर्मेंट अकाउंट को फिर से चालू करना एक सीधी प्रक्रिया है, जिसके लिए आपको बैंक की शाखा (Home Branch) में जाना होगा।

स्टेप 1: अपनी होम ब्रांच में जाएँ (Visit Your Home Branch)

खाता चालू करने के लिए आपको उसी बैंक शाखा में जाना होगा जहाँ आपका खाता खुला था (होम ब्रांच)।

स्टेप 2: reactivation के लिए आवेदन लिखें (Write a Reactivation Application)

बैंक में आपको एक खाता सक्रियण अनुरोध (Account Reactivation Request) के लिए लिखित आवेदन देना होगा। इस आवेदन में निम्नलिखित जानकारी ज़रूर लिखें:

  • बैंक मैनेजर का नाम और शाखा का पता।
  • आपके खाते का प्रकार (बचत या चालू)।
  • आपका खाता संख्या (Account Number) और खाताधारक का नाम (Account Holder’s Name)
  • खाते को फिर से चालू करने का कारण (जैसे: शहर से बाहर होने के कारण, व्यस्तता के कारण, आदि)।
  • आपकी वर्तमान संपर्क जानकारी (मोबाइल नंबर, ईमेल)।
  • यदि संयुक्त खाता (Joint Account) है, तो सभी खाताधारकों के हस्ताक्षर आवश्यक होंगे।

स्टेप 3: KYC दस्तावेज़ जमा करें (Submit KYC Documents)

चूंकि आपका खाता लंबे समय से उपयोग में नहीं था, बैंक को आपकी पहचान और पते को फिर से सत्यापित करने की आवश्यकता होती है। इसे KYC (Know Your Customer) प्रक्रिया कहते हैं। इसके लिए आपको निम्नलिखित दस्तावेज़ों की स्व-सत्यापित (Self-Attested) प्रतियां जमा करनी होंगी:

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  • पहचान प्रमाण (Identity Proof): आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट।
  • पता प्रमाण (Address Proof): आधार कार्ड, बिजली/पानी का बिल (3 महीने से पुराना न हो), पासपोर्ट।
  • हाल ही की पासपोर्ट साइज़ फोटो।

ज़रूरी बात: आपके केवाईसी दस्तावेज़ों में दिए गए पते और बैंक रिकॉर्ड में दर्ज पते में कोई बदलाव होने पर, आपको नया पता प्रमाण देना होगा और बैंक रिकॉर्ड में बदलाव करवाना होगा।

स्टेप 4: बैंक अधिकारी से सत्यापन (Verification by Bank Official)

आपकी एप्लीकेशन और केवाईसी दस्तावेज़ जमा होने के बाद, बैंक अधिकारी उनकी जांच और आपका भौतिक सत्यापन (Physical Verification) करेंगे। वे यह भी सुनिश्चित करेंगे कि आपके हस्ताक्षर बैंक रिकॉर्ड से मेल खाते हों।

स्टेप 5: पहला लेनदेन करें (Make the First Transaction)

सत्यापन सफल होने के बाद, बैंक आपको तुरंत एक लेनदेन करने के लिए कहेगा। यह लेनदेन जमा (Deposit) या निकासी (Withdrawal) कुछ भी हो सकता है, भले ही वह छोटी राशि (जैसे ₹100) का हो।

जैसे ही आप यह लेनदेन करते हैं, आपका डॉर्मेंट खाता आधिकारिक तौर पर ‘सक्रिय’ (Active) हो जाता है।

क्या खाता चालू करने के लिए कोई शुल्क लगता है? (Reactivation Charges)

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के दिशानिर्देशों के अनुसार, बैंकों को निष्क्रिय या डॉर्मेंट खातों को सक्रिय करने के लिए ग्राहकों से कोई शुल्क (Charges) नहीं लेना चाहिए।

हालाँकि, खाता सक्रिय होने के बाद, आप पर कुछ अन्य शुल्क (Service Charges) लग सकते हैं:

  • खाते में न्यूनतम मासिक शेष राशि (Minimum Monthly Balance) बनाए न रखने पर जुर्माना।
  • SMS अलर्ट, चेक बुक या डेबिट कार्ड से जुड़े वार्षिक शुल्क।

खाता चालू होने में कितना समय लगता है?

अधिकांश मामलों में, सभी दस्तावेज़ सही होने पर और बैंक के आंतरिक प्रसंस्करण (Internal Processing) के आधार पर, खाता एक से तीन कार्य दिवसों (1-3 working days) के भीतर सक्रिय हो जाता है। कुछ बैंक उसी दिन (Same Day) भी खाता चालू कर सकते हैं।

यदि केवाईसी दस्तावेज़ों में कोई कमी है या हस्ताक्षर मेल नहीं खाते हैं, तो इसमें अधिक समय लग सकता है।

यदि आपका पैसा RBI के पास ट्रांसफर हो गया हो तो?

यदि आपका खाता 10 साल या उससे अधिक समय से डॉर्मेंट है और उसमें कोई गतिविधि नहीं हुई है, तो बैंक आपके खाते में जमा राशि को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा प्रबंधित DEP-EA Fund में ट्रांसफर कर सकता है।

घबराएं नहीं! इस स्थिति में भी, आपको अपने बैंक की होम ब्रांच में जाकर उसी सक्रियण प्रक्रिया का पालन करना होगा। बैंक आपके दावे को सत्यापित करेगा और DEP-EA Fund से राशि वापस लाने की प्रक्रिया शुरू करेगा, जिसमें सामान्य से थोड़ा अधिक समय लग सकता है।

निष्कर्ष और मुख्य बातें

बंद या डॉर्मेंट बैंक अकाउंट को चालू कराना एक सरल और शुल्क-मुक्त प्रक्रिया है। बस आपको अपनी होम ब्रांच में जाना है, एक आवेदन लिखना है, और अपने KYC दस्तावेज़ों को अपडेट करवाना है।

  • खाता 12 महीने बाद ‘इनएक्टिव’ और 24 महीने बाद ‘डॉर्मेंट’ हो जाता है।
  • खाता चालू करने के लिए बैंक शाखा जाना अनिवार्य है (ऑनलाइन सुविधा सीमित होती है)।
  • KYC अपडेट (आधार, पैन, फोटो) सबसे ज़रूरी कदम है।
  • कोई एक्टिवेशन चार्ज नहीं लगता है (RBI नियम)।
  • खाता चालू होते ही एक छोटा लेनदेन ज़रूर करें।

अपने बैंक खाते को सक्रिय रखें और वित्तीय सेवाओं का लाभ उठाते रहें!

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